Bihar Krishi Input Anudan 2026-27: सितंबर की बाढ़ से फसल क्षति पर ऑनलाइन आवेदन शुरू, यहां देखें पूरी जानकारी

बिहार के किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026-27 से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। सितंबर 2026 में अतिवृष्टि और विभिन्न नदियों के बाँधों के फाटक खुलने से जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आई बाढ़ से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, वे इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक आवेदन पोर्टल के अनुसार, इस विशेष आवेदन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर 2026 सुबह 6 बजे से 25 अक्टूबर 2026 रात 10 बजे तक निर्धारित है। आवेदन करने से पहले किसानों को अपनी पंचायत की पात्रता, किसान पंजीकरण संख्या, भूमि संबंधी दस्तावेज और आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी जांच लेनी चाहिए।

Bihar Krishi Input Anudan 2026-27

Bihar Krishi Input Anudan 2026-27: Overview

विवरण जानकारी
योजना का नाम कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026-27
राज्य बिहार
संबंधित विभाग कृषि विभाग, बिहार सरकार
आवेदन का कारण सितंबर 2026 की अतिवृष्टि एवं बाढ़ से फसल क्षति
आवेदन का माध्यम ऑनलाइन
आवेदन शुरू होने की तिथि 18 अक्टूबर 2026
आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026
अधिकतम पात्र भूमि 2 हेक्टेयर (494 डिसमिल)
किसान पंजीकरण 13 अंकों की पंजीकरण संख्या
भुगतान का माध्यम आधार से लिंक बैंक खाता
आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in

कृषि इनपुट अनुदान योजना क्या है?

कृषि इनपुट अनुदान योजना बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता देने की योजना है। इसका उद्देश्य बाढ़, अतिवृष्टि जैसी आपदाओं के कारण फसल को हुए नुकसान की स्थिति में पात्र किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

सितंबर 2026 में आई बाढ़ से प्रभावित फसलों के लिए विभाग ने अलग आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराया है। इस आवेदन के माध्यम से पात्र किसान अपनी फसल क्षति का विवरण देकर सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ध्यान दें कि केवल आवेदन करने से अनुदान मिलना सुनिश्चित नहीं होता। संबंधित पंचायत की पात्रता, आवेदन में दी गई जानकारी और विभागीय सत्यापन के आधार पर लाभ दिया जाएगा।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

कार्यक्रम तिथि एवं समय
ऑनलाइन आवेदन शुरू 18 अक्टूबर 2026, सुबह 6 बजे
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026, रात 10 बजे
आवेदन की वर्तमान स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जांचें
भुगतान की तिथि अभी आधिकारिक आवेदन प्रपत्र पर निर्दिष्ट नहीं

किसानों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना आवेदन पूरा कर लें।

किन किसानों को आवेदन करना चाहिए?

इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से ऐसे किसानों के आवेदन संबंधित हैं जिनकी फसलों को सितंबर 2026 में अतिवृष्टि और नदियों के जलस्तर में वृद्धि से आई बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है।

आवेदन करने से पहले निम्नलिखित बातों की जांच करें:

  1. किसान बिहार का निवासी एवं कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत हो।
  2. संबंधित पंचायत इस विशेष योजना के लिए पात्र सूची में शामिल हो।
  3. किसान की फसल को निर्धारित आपदा के कारण नुकसान हुआ हो।
  4. किसान के पास 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या हो।
  5. आधार से जुड़ा बैंक खाता उपलब्ध हो।
  6. भूमि और परिवार का विवरण सही हो।
  7. योजना के निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हों।

महत्वपूर्ण: सभी जिलों और पंचायतों के किसानों को स्वतः पात्र न मानें। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपनी पंचायत की सूची जरूर जांचें।

किन फसलों के नुकसान के लिए आवेदन किया जा सकता है?

आधिकारिक आवेदन प्रपत्र में निम्नलिखित फसलों की क्षति का विवरण देने का विकल्प बताया गया है।

फसल का प्रकार उदाहरण
धान धान की फसल
दलहन विभिन्न दलहनी फसलें
तेलहन विभिन्न तिलहनी फसलें
मक्का मक्का की फसल
सब्जियां विभिन्न सब्जी फसलें
गन्ना गन्ने की फसल
केला केले की फसल
शाश्वत/बारहमासी फसलें संबंधित बारहमासी फसलें
औषधीय एवं सुगंधित पौधे निर्धारित श्रेणी की फसलें

फसल का नाम और क्षति का विवरण आवेदन प्रपत्र में उपलब्ध विकल्पों एवं विभागीय निर्देशों के अनुसार ही भरें।

कृषि इनपुट अनुदान में कितनी राशि मिलेगी?

कृषि इनपुट अनुदान की राशि फसल, भूमि की श्रेणी, प्रभावित क्षेत्र और सरकार द्वारा निर्धारित सहायता मानकों पर निर्भर करती है।

पिछली योजनाओं में असिंचित क्षेत्र के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर और कुछ बारहमासी फसलों के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता दरें निर्धारित की गई थीं। लेकिन इन दरों को सितंबर 2026 की वर्तमान योजना के लिए बिना आधिकारिक पुष्टि के लागू नहीं माना जाना चाहिए।

भूमि/फसल की श्रेणी वर्तमान योजना की दर
असिंचित भूमि आधिकारिक निर्देश से पुष्टि करें
सिंचित भूमि आधिकारिक निर्देश से पुष्टि करें
शाश्वत/बारहमासी फसलें आधिकारिक निर्देश से पुष्टि करें
अधिकतम पात्र क्षेत्र 2 हेक्टेयर

किसान आवेदन करने से पहले 2026-27 के आधिकारिक कार्यान्वयन निर्देशों में सहायता दरों की जांच करें।

आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज और जानकारियां तैयार रखें:

क्रम संख्या दस्तावेज/जानकारी
1 आधार कार्ड
2 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या
3 आधार से जुड़ा बैंक खाता एवं बैंक पासबुक का विवरण
4 आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
5 जमीन की अद्यतन रसीद या LPC, जहां लागू हो
6 खाता नंबर, खेसरा नंबर और भूमि का रकबा
7 वास्तविक खेतिहर किसान के लिए निर्धारित स्व-घोषणा पत्र
8 परिवार का विवरण
9 आवेदन के लिए आवश्यक OTP

दस्तावेजों की सटीक आवश्यकता किसान की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन फॉर्म में मांगे गए दस्तावेज ही जमा करें।

Bihar Krishi Input Anudan 2026-27 Online Apply कैसे करें?

सितंबर 2026 की बाढ़ से फसल क्षति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने हेतु नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

स्टेप 1: बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

स्टेप 2: कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026-27 के अंतर्गत सितंबर 2026 की बाढ़ से प्रभावित किसानों वाला आवेदन प्रपत्र खोलें।

स्टेप 3: आवेदन करने से पहले अपनी पंचायत का नाम पात्रता सूची में जांच लें।

स्टेप 4: अपनी 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या और मांगी गई जानकारी दर्ज करें।

स्टेप 5: किसान, परिवार, भूमि और फसल क्षति से संबंधित विवरण ध्यानपूर्वक भरें।

स्टेप 6: किसान की श्रेणी के अनुसार भूमि के दस्तावेज या स्व-घोषणा पत्र संलग्न करें।

स्टेप 7: आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण सही-सही भरें और बैंक खाते की आधार/NPCI लिंकिंग की स्थिति जांचें।

स्टेप 8: पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करके आवश्यक सत्यापन पूरा करें। OTP किसी अन्य व्यक्ति को न बताएं।

स्टेप 9: आवेदन में दर्ज सभी विवरणों की जांच करें और पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार आवेदन जमा करें।

स्टेप 10: आवेदन जमा होने के बाद आवेदन संख्या या पावती सुरक्षित रखें, ताकि आगे आवेदन की स्थिति जांच सकें।

Important Link

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किसान की श्रेणी के अनुसार जरूरी निर्देश

आधिकारिक आवेदन प्रपत्र के अनुसार:

  • स्वयं (भू-धारी): वर्ष 2024-25 से अब तक की जमीन की रसीद या अद्यतन LPC जैसे निर्धारित भूमि दस्तावेज आवश्यक हैं।
  • वास्तविक खेतिहर: निर्धारित स्व-घोषणा प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
  • वास्तविक खेतिहर + स्वयं (भू-धारी): भूमि दस्तावेजों के साथ स्व-घोषणा पत्र भी आवश्यक हो सकता है।
  • भू-धारी श्रेणी में वंशावली को भूमि दस्तावेज के विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में किसान को अपनी वास्तविक श्रेणी के अनुसार आवेदन करना चाहिए।

आवेदन में किसान का नाम और पिता/पति का नाम आधार में दर्ज विवरण के अनुसार भरें।

आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें

  1. गलत किसान पंजीकरण संख्या दर्ज न करें।
  2. पंचायत की पात्रता जांचे बिना आवेदन न भरें।
  3. जमीन का खाता, खेसरा और रकबा गलत न लिखें।
  4. परिवार के विवरण में गलत जानकारी न दें।
  5. आधार से लिंक न होने वाले बैंक खाते का विवरण बिना जांच के न भरें।
  6. OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
  7. एक ही भूमि के लिए गलत या दोहराया हुआ दावा न करें।
  8. आवेदन जमा करने के बाद पावती और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

कृषि इनपुट अनुदान आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

आवेदन जमा करने के बाद किसान बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन स्थिति या प्रिंट सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

इसके लिए:

  1. आधिकारिक कृषि विभाग की वेबसाइट खोलें।
  2. कृषि इनपुट अनुदान की आवेदन स्थिति/प्रिंट सुविधा चुनें।
  3. मांगी गई किसान पंजीकरण संख्या या अन्य विवरण दर्ज करें।
  4. उपलब्ध विकल्पों के अनुसार आवेदन की स्थिति देखें।
  5. यदि आवेदन में कोई त्रुटि या आपत्ति दिखाई देती है, तो संबंधित कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

आवेदन की स्थिति और भुगतान की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। आवेदन जमा होने का अर्थ यह नहीं है कि अनुदान की राशि स्वीकृत हो गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: कृषि इनपुट अनुदान 2026-27 के लिए आवेदन कब से शुरू है?

उत्तर: सितंबर 2026 की बाढ़ से फसल क्षति वाले विशेष आवेदन प्रपत्र के अनुसार आवेदन 18 अक्टूबर 2026 सुबह 6 बजे से शुरू है।

प्रश्न 2: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

उत्तर: आधिकारिक आवेदन प्रपत्र के अनुसार अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 रात 10 बजे है।

प्रश्न 3: क्या सभी बिहार के किसान आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: नहीं। किसानों को संबंधित पंचायत की पात्रता सूची और योजना के निर्धारित नियमों की जांच करनी चाहिए।

प्रश्न 4: किसान पंजीकरण संख्या कितने अंकों की होनी चाहिए?

उत्तर: आधिकारिक पोर्टल पर 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या आवश्यक बताई गई है।

प्रश्न 5: अधिकतम कितनी जमीन के लिए अनुदान मिल सकता है?

उत्तर: विशेष आवेदन प्रपत्र में एक किसान परिवार के लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर यानी 494 डिसमिल भूमि की सीमा दी गई है। वास्तविक लाभ निर्धारित नियमों और सत्यापन के अधीन होगा।

प्रश्न 6: अनुदान की राशि किस खाते में आएगी?

उत्तर: आधिकारिक निर्देशों के अनुसार अनुदान आधार से जुड़े बैंक खाते में अंतरित किया जाता है। बैंक खाते की आधार/NPCI लिंकिंग की स्थिति जांचना जरूरी है।

प्रश्न 7: क्या बिना किसान पंजीकरण के आवेदन किया जा सकता है?

उत्तर: आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या आवश्यक है। पंजीकरण नहीं होने पर पहले आधिकारिक पोर्टल के निर्देशों के अनुसार पंजीकरण कराएं।

प्रश्न 8: क्या आवेदन करने के बाद सभी किसानों को पैसा मिलेगा?

उत्तर: नहीं। लाभ पात्रता, आवेदन की जांच, फसल क्षति के सत्यापन और सरकारी नियमों के अनुसार दिया जाएगा।

निष्कर्ष

बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026-27 सितंबर माह में आई बाढ़ से प्रभावित पात्र किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इच्छुक किसान 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के बीच निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आवेदन करें। आवेदन करने से पहले अपनी पंचायत की पात्रता, किसान पंजीकरण संख्या, भूमि के दस्तावेज और आधार से जुड़े बैंक खाते की जांच जरूर कर लें।

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डिस्क्लेमर: यह लेख किसानों की जानकारी के लिए तैयार किया गया है। आवेदन की तारीख, पात्रता, अनुदान राशि और अन्य शर्तों के लिए बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट एवं संबंधित योजना के कार्यान्वयन निर्देशों को अंतिम मानें।

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